गंभीर ने कहा कि मानसिक तौर पर असुरक्षित होने की पैडी अपटन की टिप्पणी अपनी जगह सही है, लेकिन मैं कमजोर व्यक्ति नहीं हूं। यही नहीं गौतम गंभीर ने विश्व कप के फाइनल में खेली गई अपनी 97 रनों की पारी का भी इसके लिए जिक्र किया।
पीटीआई | Updated:
नई दिल्ली
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे पैडी अपटन की ओर से अपनी पुस्तक में खुद को असुरक्षित और निगेटिव सोच रखने वाला क्रिकेटर करार दिए जाने पर गौतम गंभीर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। गौतम गंभीर ने पुस्तक में किए गए दावों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, 'मैं इसमें कुछ भी गलत नहीं देखता।' क्रिकेटर से अब नेता बने गंभीर ने कहा कि मानसिक तौर पर असुरक्षित होने की पैडी अपटन की टिप्पणी अपनी जगह सही है, लेकिन मैं कमजोर व्यक्ति नहीं हूं। यही नहीं गौतम गंभीर ने विश्व कप के फाइनल में खेली गई अपनी 97 रनों की पारी का भी इसके लिए जिक्र किया।
जेम्स फॉकनर ने कहा- तस्वीर के गलत मायने निकाले, गे नहीं हूं
अपनी नई पुस्तक 'द बेयरफुट कोच' में टीम इंडिया के पूर्व मेंटल कंडीशनिंग कोच ने लिखा है कि अपने समय के भारत के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से एक रहे गौतम गंभीर मानसिक तौर पर कमजोर और सबसे ज्यादा असुरक्षा महसूस करने वाले खिलाड़ी थे।' हालांकि इस पर सधी हुई प्रतिक्रिा देते हुए इन दिनों चुनाव प्रचार में बिजी गौतम गंभीर ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। गंभीर ने कहा, 'पैडी अपटन बहुत अच्छे व्यक्ति हैं और उन्होंने गलत भावना से कुछ भी नहीं कहा है। मुझे उन पर पूरा भरोसा है।'
टीम इंडिया के कोच के दावेदार हो सकते हैं पॉन्टिंग: गांगुली
गंभीर ने कहा, 'किसी भी मामले में एक क्रिकेटर के तौर पर मैं कितना असुरक्षित था, यह सबके सामने है। ऐसा कुछ भी नहीं है, जो पैडी ने बोला हो और वह पब्लिक डोमेन में न रहा हो।' गौतम गंभीर को 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 के विश्व कप का हीरो माना जाता है। इन दोनों ही टूर्नमेंट में उनकी पारियों ने टीम इंडिया को अहम मुकाबलों में जीत दिलाने का काम किया था।
'मैं खुद को और टीम को दुनिया में बेस्ट देखना चाहता था'गंभीर ने कहा कि पुस्तक में की गई टिप्पणियों से मैं बिल्कुल भी आहत नहीं हूं। गंभीर ने कहा, 'आप देखिए कि पैडी ने जो नहीं कहा है या फिर जिसे पब्लिशर ने शायद एडिट कर दिया है। मैं टीम इंडिया को और खुद को दुनिया में सबसे बेहतर देखना चाहता था। इसीलिए मैं कभी 100 रन बनाकर संतुष्ट नहीं हुआ और उसके बाद 200 बनाना चाहता था, जो पैडी की पुस्तक में भी है। मैं इसमें कुछ भी गलत नहीं देखता। एक सक्रिय खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश करता था और कई बार अकेले भी पूरी जंग लड़ने का साहस दिखाया।'
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे पैडी अपटन की ओर से अपनी पुस्तक में खुद को असुरक्षित और निगेटिव सोच रखने वाला क्रिकेटर करार दिए जाने पर गौतम गंभीर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। गौतम गंभीर ने पुस्तक में किए गए दावों को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, 'मैं इसमें कुछ भी गलत नहीं देखता।' क्रिकेटर से अब नेता बने गंभीर ने कहा कि मानसिक तौर पर असुरक्षित होने की पैडी अपटन की टिप्पणी अपनी जगह सही है, लेकिन मैं कमजोर व्यक्ति नहीं हूं। यही नहीं गौतम गंभीर ने विश्व कप के फाइनल में खेली गई अपनी 97 रनों की पारी का भी इसके लिए जिक्र किया।
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जलने वाले जलने लगे। आप हमेशा से ही लंबी रेस के प्लेयर रहे है गंभीर दादा, जब भी टीम इंडिया को आपके कौशल की जरूरत पड़ी , आप हमेशा ही काम आए, इन गधो की बातों के ऊपर ध्यान न दे,
Shishir
जेम्स फॉकनर ने कहा- तस्वीर के गलत मायने निकाले, गे नहीं हूं
अपनी नई पुस्तक 'द बेयरफुट कोच' में टीम इंडिया के पूर्व मेंटल कंडीशनिंग कोच ने लिखा है कि अपने समय के भारत के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से एक रहे गौतम गंभीर मानसिक तौर पर कमजोर और सबसे ज्यादा असुरक्षा महसूस करने वाले खिलाड़ी थे।' हालांकि इस पर सधी हुई प्रतिक्रिा देते हुए इन दिनों चुनाव प्रचार में बिजी गौतम गंभीर ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। गंभीर ने कहा, 'पैडी अपटन बहुत अच्छे व्यक्ति हैं और उन्होंने गलत भावना से कुछ भी नहीं कहा है। मुझे उन पर पूरा भरोसा है।'
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गंभीर ने कहा, 'किसी भी मामले में एक क्रिकेटर के तौर पर मैं कितना असुरक्षित था, यह सबके सामने है। ऐसा कुछ भी नहीं है, जो पैडी ने बोला हो और वह पब्लिक डोमेन में न रहा हो।' गौतम गंभीर को 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 के विश्व कप का हीरो माना जाता है। इन दोनों ही टूर्नमेंट में उनकी पारियों ने टीम इंडिया को अहम मुकाबलों में जीत दिलाने का काम किया था।
'मैं खुद को और टीम को दुनिया में बेस्ट देखना चाहता था'गंभीर ने कहा कि पुस्तक में की गई टिप्पणियों से मैं बिल्कुल भी आहत नहीं हूं। गंभीर ने कहा, 'आप देखिए कि पैडी ने जो नहीं कहा है या फिर जिसे पब्लिशर ने शायद एडिट कर दिया है। मैं टीम इंडिया को और खुद को दुनिया में सबसे बेहतर देखना चाहता था। इसीलिए मैं कभी 100 रन बनाकर संतुष्ट नहीं हुआ और उसके बाद 200 बनाना चाहता था, जो पैडी की पुस्तक में भी है। मैं इसमें कुछ भी गलत नहीं देखता। एक सक्रिय खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश करता था और कई बार अकेले भी पूरी जंग लड़ने का साहस दिखाया।'
Web Title gautam gambhir says my insecurities well documented on claims of paddy upton
(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)
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